पानी ने हमसे कुछ नहीं कहा।
पानी ने शेर से कहा शेर ने समझा और उस दिन से नहाना ही छोड़ दिया।
उसने मछली से कहा सारी मछलियां पहरेदारी करने उतर गईं पानियों में।
ऊंट ने अपने दिल के पास रखा पानी कि पानी बाहर की जगह अंदर बचाया जाए।
पेड़ों ने मिट्टी में मिलकर पाया पानी पानी को छोड़कर कहां जाएंगे कि पेड़ मरने के बाद भी एक ही जगह खड़े रहते हैं।
जब पानी के पास बचा होगा आखिरी बार का कहना तब भी उसने इंसानों से कुछ नहीं कहा होगा
शायद इस उम्मीद में कि इंसान ने जीवन की सबसे खूबसूरत चीज़ों को बिना कहे ही समझा है!
Thursday, April 14, 2011
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